उद्देश्य और क्षेत्र

Research Review Journal of Cultural Heritage and Traditions (RRJCHT) का उद्देश्य सांस्कृतिक धरोहर, परंपराएँ, भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS), कला, इतिहास, लोककथा और संबंधित शास्त्रों में उच्च-गुणवत्ता, मौलिक शोध को बढ़ावा देना है। जर्नल अकादमिक ज्ञान को आगे बढ़ाने, सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण और अंतरविषयक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करने के लिए समर्पित है, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धरोहर के अध्ययन और प्रचार में योगदान करते हैं।

RRJCHT शोधकर्ताओं, अकादमिकों, इतिहासकारों, मानवशास्त्रियों, सांस्कृतिक अभ्यासकारों, कलाकारों और विद्वानों को एक समर्पित अकादमिक प्लेटफ़ॉर्म प्रदान करता है, जहाँ वे अनुभवात्मक अध्ययन, सैद्धांतिक लेख, समीक्षा लेख और केस स्टडी प्रकाशित कर सकते हैं। ये प्रकाशन सांस्कृतिक प्रथाओं, पारंपरिक ज्ञान, धरोहर संरक्षण, लोककथा और समुदाय-आधारित परंपराओं की समझ को बढ़ाने में सहायक होते हैं।

यह एक अंतरराष्ट्रीय, अर्धवार्षिक (bi-annual) ऑनलाइन जर्नल है, जो दुनिया भर के लेखकों से योगदान स्वीकार करता है।

क्षेत्रफल में शामिल हैं (लेकिन केवल इन्हीं तक सीमित नहीं):

  • सांस्कृतिक धरोहर और संरक्षण
  • भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS) और वैदिक अध्ययन
  • लोककथा, लोक कला और मौखिक परंपराएँ
  • इतिहास, पुरातत्व और धरोहर अध्ययन
  • पारंपरिक विज्ञान और दर्शनशास्त्र
  • कला, संगीत, नृत्य और प्रदर्शन अध्ययन
  • स्वदेशी ज्ञान और सामुदायिक प्रथाएँ
  • धरोहर प्रबंधन और नीति अध्ययन
  • संग्रहालय, अभिलेखागार और दस्तावेज़ीकरण
  • सांस्कृतिक शिक्षा और शिक्षाशास्त्र (Pedagogy)
  • अनुष्ठान, उत्सव और पारंपरिक प्रथाएँ
  • सांस्कृतिक स्थिरता और अमूर्त धरोहर
  • संस्कृति, प्रौद्योगिकी और समाज को जोड़ने वाले अंतरविषयक अध्ययन

जर्नल विशेष रूप से ऐसे शोध को प्रोत्साहित करता है जो आधुनिक सांस्कृतिक चुनौतियों को संबोधित करता है, धरोहर के संरक्षण को बढ़ावा देता है, प्रमाण-आधारित प्रथाओं का समर्थन करता है और मानव परंपराओं तथा ज्ञान प्रणालियों की समग्र समझ में योगदान करता है।

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